चिरमिरी में आवारा कुत्तों का आतंक, राहगीरों में दहशत।
नवरात्रि से पहले बढ़ी चिंता, मंदिरों में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल; नगर निगम से कार्रवाई की मांग

एमसीबी/ चिरमिरी शहर के गली-मोहल्लों और प्रमुख मार्गों पर इन दिनों आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बाजार जाने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इन कुत्तों के कारण भय के माहौल में आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों को आशंका रहती है कि कहीं अचानक कुत्ते उन पर हमला न कर दें। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की जा रही है।
नवरात्रि पर्व शुरू होने के साथ ही यह समस्या और गंभीर हो सकती है। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के मंदिरों और विभिन्न स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सुबह और शाम पूजा-अर्चना के लिए आने-जाने वाले भक्तों में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की संख्या भी अधिक रहती है। ऐसे में सड़कों और मोहल्लों में घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा सकते हैं।
मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता:
शहर के वार्ड क्रमांक 14 स्थित रेस्ट हाउस रोड, हीरागिरी और पंचवटी पहाड़ क्षेत्र में भोले बाबा एवं मां काली के मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का नियमित रूप से आना-जाना लगा रहता है। नवरात्रि के दौरान इन धार्मिक स्थलों पर भक्तों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन मार्गों पर आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान समय रहते किया जाना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को बिना किसी भय के मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो।
शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप:
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन लंबे समय से इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर कब इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक मार्गों पर कुत्तों के झुंड के कारण कभी भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए निगम को तत्काल उचित कार्रवाई करते हुए आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
सड़क की रोशनी भी बनी परेशानी:
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में शाम के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहने की समस्या भी उठाई है। उनका कहना है कि पहले सड़कों पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था रहती थी, लेकिन अब अंधेरा होने के बाद आवागमन में परेशानी होती है। अंधेरे और आवारा कुत्तों की मौजूदगी के कारण राहगीरों की चिंता और बढ़ जाती है। नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या की ओर जनप्रतिनिधियों का ध्यान भी कई बार आकृष्ट कराया गया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
नगर निगम से त्वरित कार्रवाई की मांग:
शहरवासियों ने नगर निगम चिरमिरी से आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने तथा खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की जांच कराकर रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नवरात्रि जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व से पहले इन समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, राहगीरों और मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।




