महतारी वंदन योजना बनी बच्चों की पढ़ाई का संबल: चिरमिरी की खुशबू दास की प्रेरक कहानी

महतारी वंदन योजना बनी बच्चों की पढ़ाई का संबल: चिरमिरी की खुशबू दास की प्रेरक कहानी

चिरमिरी, एमसीबी | 10 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं आम नागरिकों के जीवन में किस प्रकार सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, इसकी बानगी ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत लगातार सामने आ रही है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के चिरमिरी विकासखंड की निवासी खुशबू दास की है, जिनके लिए महतारी वंदन योजना उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
ट्यूशन के जरिए बच्चों की पढ़ाई को मिल रहा संबल
खुशबू दास को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने 1000 रुपए की नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग वह अपने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने में कर रही हैं। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी प्राथमिक जरूरतों को पूरा करने में बड़ी राहत मिली है, जिससे वह अपने बच्चों के शैक्षिक विकास पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पा रही हैं।
अब तक मिले 32,000 रुपए
हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी किए जाने के साथ ही, खुशबू दास को अब तक कुल 32,000 रुपए की सहायता राशि मिल चुकी है। यह नियमित मदद उनके परिवार के लिए आर्थिक संबल का एक मजबूत जरिया साबित हुई है।
महिलाओं को मिल रहा आर्थिक और सामाजिक संबल
- नियमित सहायता: हर महीने मिलने वाले 1000 रुपए से महिलाओं को छोटी-छोटी आर्थिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
- शिक्षा को प्राथमिकता: खुशबू दास जैसी माताएं इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा और भविष्य को बेहतर बनाने में कर रही हैं।
- सकारात्मक बदलाव: सेवा संकल्प अभियान यह साबित करता है कि शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर महिलाओं और उनके परिवारों का जीवनस्तर सुधारने में बेहद कारगर हैं।
“महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने हमारी पारिवारिक चिंताओं को कम किया है। इस मदद से अब मैं अपने बच्चों की पढ़ाई और ट्यूशन का खर्च आसानी से उठा पा रही हूँ, जिससे उनके बेहतर भविष्य की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।” — खुशबू दास, हितग्राही (चिरमिरी)




