छत्तीसगढ़

मन जागृति अभियान के तहत स्कूली बच्चों ने इमोजी से व्यक्त की मन की बात, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति हुए जागरूक

बहरासी, जमथान, बरेल एवं मेंडा के विद्यालयों में आयोजित हुई गतिविधियां, बच्चों को भावनाएं समझने और खुलकर संवाद करने का दिया संदेश

एमसीबी/14 अक्टूबर 2026/ विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले में 10 से 16 अक्टूबर 2026 तक संचालित मन जागृति अभियान के तहत मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड भरतपुर के बहरासी, जमथान एवं बरेल तथा विकासखंड खड़गवां के मेंडा स्थित विद्यालयों में स्कूली बच्चों के लिए “इमोजी से मन की बात” गतिविधि आयोजित की गई। इस अभिनव पहल के माध्यम से बच्चों को अपनी भावनाओं को पहचानने, उन्हें सहजता से व्यक्त करने तथा मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया गया।

*इमोजी के जरिए बच्चों ने साझा की अपनी भावनाएं*
गतिविधि के दौरान बच्चों को खुशी, उदासी, चिंता, गुस्सा सहित विभिन्न भावनाओं को दर्शाने वाले इमोजी के माध्यम से अपनी मन स्थिति व्यक्त करने का अवसर दिया गया। बच्चों ने अपनी वर्तमान भावनाओं के अनुरूप इमोजी का चयन कर शिक्षकों एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्हें बताया गया कि खुशी, दुख, गुस्सा और चिंता जैसी सभी भावनाएं जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं। किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, परेशानी या उदासी की स्थिति में अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति से खुलकर बातचीत करनी चाहिए। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में भावनात्मक समझ विकसित करने के साथ उन्हें यह विश्वास दिलाना था कि अपनी परेशानियों को साझा करना कमजोरी नहीं, बल्कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य उनके समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार: डॉ. खरे*
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि बच्चों एवं किशोरों का मानसिक स्वास्थ्य उनके शारीरिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास से सीधे जुड़ा हुआ है। वर्तमान समय में पढ़ाई का दबाव, परीक्षा का तनाव, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग तथा अन्य सामाजिक परिस्थितियां बच्चों की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में विद्यालय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इमोजी जैसी सरल एवं रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चे अपनी भावनाओं को आसानी से समझ और व्यक्त कर सकते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ने के साथ तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने की समझ विकसित होती है।

*सप्ताह भर विविध गतिविधियों से दिया जा रहा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश*
मन जागृति अभियान के अंतर्गत जिले के स्वास्थ्य संस्थानों, विद्यालयों एवं सामुदायिक स्तर पर 10 से 16 अक्टूबर तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें मानसिक स्वास्थ्य शपथ, रंगोली प्रतियोगिता, जागरूकता रैली, इमोजी मूड बोर्ड, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त किशोरों के साथ परीक्षा के तनाव, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग, भावनात्मक समस्याओं तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य सत्र, पुलिस एवं आपातकालीन सेवा कर्मियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम तथा परिवार एवं समुदाय के साथ चर्चा के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के दौरान मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की प्रारंभिक पहचान, समय पर परामर्श उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद व्यक्तियों को उचित उपचार एवं सहायता मिल सके।

*मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक संकोच को दूर करना अभियान का उद्देश्य*
जिला नोडल अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने बताया कि मन जागृति अभियान का प्रमुख उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक संकोच को दूर करना है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को छिपाने के बजाय समय रहते विशेषज्ञों से परामर्श लेना आवश्यक है। जागरूकता एवं समय पर सहायता के माध्यम से अनेक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आम नागरिकों को निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति घर बैठे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

*स्वास्थ्य विभाग एवं विद्यालय प्रबंधन के समन्वय से हो रहा आयोजन*
जिले में मन जागृति अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन, जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती के समन्वय तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल के सहयोग से संचालित की जा रही हैं। संबंधित विकास खंडों के खंड चिकित्सा अधिकारियों के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों एवं विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मन जागृति अभियान के माध्यम से बच्चों, किशोरों एवं आम नागरिकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। अपनी भावनाओं को समझना, खुलकर संवाद करना और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेना स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

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