सड़क हादसे में फरिश्ता बने स्वास्थ्य मंत्री: घायल युवक को पहुंचाया अस्पताल, लोगों से की मानवीय अपील

सड़क हादसे में फरिश्ता बने स्वास्थ्य मंत्री: घायल युवक को पहुंचाया अस्पताल, लोगों से की मानवीय अपील

चिरमिरी: जनप्रतिनिधि का असल कर्तव्य केवल राजनीतिक दायित्वों का निर्वहन करना नहीं, बल्कि जनसेवा और संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़े होना है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिरमिरी प्रवास के दौरान इसका एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया। रास्ते में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक को तड़पते देख उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और तुरंत उसे अस्पताल भिजवाकर उसकी जान बचाई।

क्या था पूरा मामला?
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अपने क्षेत्रीय प्रवास के दौरान चिरमिरी में मौजूद थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल प्रवीण खूंटे पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के तुरंत गाड़ी से उतरकर घायल युवक को संभाला और समय पर अस्पताल पहुंचाने का पुख्ता प्रबंध किया, जिससे उसे समय पर चिकित्सीय सहायता मिल सके।

सोशल मीडिया पर साझा किया अनुभव और की अपील
मंत्री जायसवाल ने इस घटना की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए साझा की है। उन्होंने इस घटना के माध्यम से प्रदेश और देश के आम नागरिकों से एक बेहद संवेदनशील अपील की है:
- अनदेखा न करें: सड़क पर किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को देखने के बाद मुंह फेरकर आगे न निकलें।
- तुरंत दें सूचना: घायल अवस्था में तुरंत एंबुलेंस (108) या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।
- मानवीय सहयोग: सुरक्षित तरीके से घायल को अस्पताल तक पहुंचाने या चिकित्सा सहायता दिलाने में हरसंभव सहयोग करें।
सामाजिक दायित्व का संदेश
विशेषज्ञों का भी मानना है कि सड़क हादसों के बाद मिलने वाला “गोल्डन आवर” (Golden Hour) यानी शुरुआती एक घंटा घायल की जिंदगी बचाने के लिए सबसे अहम होता है। इस दौरान मिलने वाली थोड़ी सी भी मदद किसी की जान बचा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पद और ओहदे से ऊपर उठकर इंसानियत सबसे पहले आती है। जागरूक नागरिक होने के नाते जरूरत के समय मदद के लिए आगे आना हमारा भी नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है।




