पोड़ी में आबादी भूमि की जांच ठंडे बस्ते में, पात्रता सूची पर सचिव पर दबाव
ग्रामीणों की मांग - पहले हो पात्र-अपात्र की निष्पक्ष जांच, फिर बने आवास पात्रता प्रस्ताव

पोड़ी में आबादी भूमि की जांच ठंडे बस्ते में, पात्रता सूची पर सचिव पर दबाव
ग्रामीणों की मांग – पहले हो पात्र-अपात्र की निष्पक्ष जांच, फिर बने आवास पात्रता प्रस्ताव

पोड़ी बचरा @पत्रिका/ग्राम पंचायत पोड़ी में आबादी भूमि पर काबिज अपात्र लोगों की जांच का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना जांच के ही कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा ग्राम पंचायत से पात्रता सूची का प्रस्ताव पारित कराने के लिए सचिव पर दबाव बनाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत में लंबे समय से आबादी भूमि पर अवैध कब्जे और अपात्र सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने की शिकायतें आ रही थीं। ग्रामीणों ने कलेक्टर और जनपद पंचायत में लिखित शिकायत कर मांग की थी कि राजस्व और पंचायत विभाग की संयुक्त टीम से आबादी भूमि की निष्पक्ष जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जांच के आश्वासन के बाद भी आज तक कोई टीम गांव नहीं पहुंची। वहीं दूसरी ओर, ग्राम पंचायत की बैठक बुलाकर जल्दबाजी में पात्रता सूची का प्रस्ताव पारित कराने की कवायद तेज हो गई है।
गांव में कई ऐसे लोग हैं जिनके पास पहले से पक्के मकान और जमीन हैं, फिर भी वे खुद को आवास का पात्र बता रहे हैं। वहीं असली गरीब और भूमिहीन परिवार सूची से बाहर हैं। सचिव पर दबाव बनाकर फर्जी प्रस्ताव पास कराने की कोशिश हो रही है। हमारी मांग है कि पहले पूरे गांव की आबादी भूमि और हितग्राहियों की जांच हो, फिर ही कोई सूची बने। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिना जांच के पात्रता सूची पारित की गई तो वे जनपद पंचायत सीईओ और जिला प्रशासन से इसकी शिकायत कर आंदोलन करेंगे।
इस संबंध में पंचायत सचिव का कहना है कि उन्हें प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण अभी कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है। उन्होंने जांच के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
वर्जन
भानप्रताप सचिव ग्राम पंचायत पोड़ी
*ग्रामीणों की प्रमुख मांगें -*
1. आबादी भूमि पर कब्जे की राजस्व विभाग से सीमांकन और जांच हो।
2. प्रधानमंत्री आवास योजना के पुराने और नए हितग्राहियों की पात्रता की भौतिक सत्यापन हो।
3. ग्राम सभा में खुली बैठक कर पात्र-अपात्र की सूची का वाचन हो।
4. जांच पूरी होने तक कोई भी नया पात्रता प्रस्ताव पारित न किया जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस जायज मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच के आदेश देता है।




