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नगर पालिक निगम चिरमिरी गोदरीपारा में ट्रांसफार्मर खराब होने से 6 वार्ड के घरों में रविवार शाम से बिजली गुल

भीषण गर्मी में अंधेरे एवं पानी के लिए बेहाल गोदरीपारा निवासी

नगर पालिक निगम चिरमिरी गोदरीपारा में ट्रांसफार्मर खराब होने से 6 वार्ड के घरों में रविवार शाम से बिजली गुल भीषण गर्मी में अंधेरे एवं पानी के लिए बेहाल गोदरीपारा निवासी

छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के नगर पालिक निगम चिरमिरी गोदरीपारा में ट्रांसफार्मर खराब होने से लगभग 6 वार्डों के घरों में रविवार शाम से बिजली गुल है. एसईसीएल के अधिकारियों और बिजली विभाग के कर्मचारियों के लाख प्रयासों के बावजूद भी खबर लिखे जाने तक तक खराब विद्युत ट्रांसफार्मर की मरम्मत नहीं हो पाई है. रीजनल स्टोर कोरिया से लाए नया ट्रांसफार्मर भी कोई 30 मिनिट चलने के बाद जवाब दे दिया साथ लगातार हो रहे बारिश ने भी क्षेत्र के अन्य जगहों पर तकनीकी खराबी होने की वजह से ट्रांसफार्मर लगाने में समस्या उत्पन्न कर रहे थे वहीं चिरमिरी ओसीपी से नए ट्रांसफार्मर लाने की खबर से लोगों में थोड़ी राहत की सांस ली है वहीं एसईसीएल के अधिकारियों ने पानी सप्लाई को सुचारू करने के लिए चालू ट्रांसफार्मर को वाटर सप्लाई से जोड़ने के नाम पर अपनी ऑफिसर्स कॉलोनी को। बिजली देने की जानकारी मिलने पर माइनिंग स्टाफ के द्वारा पुरजोर विरोध किया गया जिसमें बीएमएस इनमोसा इंटक एटक सीटू के पदाधिकारियों ने खान प्रबंधक के कार्यालय का घेराव किया जहां उन्होंने लगातार हो रही बिजली की समस्या दो दो चार चार दिन के गैप में पानी देने की समस्या साथ ही स्कूल प्रारंभ होने के बावजूद एसईसीएल की बस सेवा का प्रारंभ ना होना कर्मचारियों के लिए मानसिक एवं शारीरिक समस्या बन गया है । जिसका विरोध बढ़ता देख रात में ही उपक्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में श्रमिक नेताओं एवं माइनिंग स्टाफ के साथ उपक्षेत्रीय प्रबंधक की बैठक हुई जहां एक हफ्ते के भीतर सभी समस्याओं को समाप्त करने की बात की गई साथ ही बिजली और पानी विभाग के इंचार्ज को बदलने की बात बोली गई माइनिंग स्टाफ ने उपक्षेत्रीय प्रबंधक से सीधे नाम लेकर घरों में दो दो विद्युत कनेक्शन रखने वाले एवं अपने घरों में देर तक पानी खुलवाने वाले कर्मचारी एवं प्रभारियों का नाम लेकर शिकायत की जिसे उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने स्वीकार करते हुए कड़ा कदम उठाने की बात कही। साथ ही बड़ी समस्या यह है कि SECL के रीजनल अस्पताल में भी 48 घंटे से बिजली नहीं है, जिससे अस्पताल स्टाफ और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बिजली नहीं होने के कारण लोगों को गर्मी समेत बाकी की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है.गर्मी के सितम के बीच बिजली गुल दरअसल, दो दिन पहले गरज के साथ बिजली चमकने के कारण विद्युत ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया था और पिछले दो दिनों से बिजली संकट ने मोहल्लेवासियों की नींद उड़ा रखी है. ट्रांसफार्मर के जल जाने से रीजनल हॉस्पिटल भी प्रभावित हुआ है. जहां मरीजों को काफी परेशानी हो रही है.
अस्पताल की व्यस्वस्था हुई ठप
मौसमी बीमारियों के समय कई मरीजों को अस्पताल में गर्म पानी की भांप दी जाती है, लेकिन बिजली नहीं होने पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई. काफी हो हल्ला करने के बाद अस्पताल प्रबंधन की तरफ से आनन फानन में मंगलवार के दिन से जनरेटर व्यवस्थित कर चालू किया गया जिससे मरीजों को थोड़ी राहत मिली.
भारतीय मजदूर संघ के कमलेश सिंह ने बताया कि संगठन ने पूर्व में लगातार बैठकों के दौरान प्रबंधन को इस बात की जानकारी दी थी कि यदि किसी मोहल्ले का ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है तो त्वरित व्यवस्था कैसे की जाएगी… लेकिन प्रबंधन के ध्यान नहीं देने के चलते लोगों को दो दिनों से अंधेरे और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. प्रबंधन को चाहिए कि एक-दो ट्रांसफार्मर उनके पास अतिरिक्त रखे जिससे तत्काल व्यवस्था की जा सके.
बिजली वापिस लाने में जुटे अधिकारी
विद्युत विभाग के फोरमैन जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि रविवार को बिजली कड़कने से ट्रांसफार्मर में फाल्ट आ गया था. ट्रांसफार्मर बदलकर सोमवार को व्यवस्था सुचारु करने का पूरा प्रयास किया जा रहा था, लेकिन संभव नहीं हो सका. कर्मचारी लगातार प्रयासरत हैं ।
इसी बीच लोगों का आक्रोश अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर भी देखने को मिला लोगों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए किसी भी प्रकार का सहयोग ना करने की बात कही गई लोगो ने कहा गोदरीपारा क्षेत्र के एक दो पार्षद संध्या सोनवानी एवं सनी चौहथा को छोड़ कर कोई भी जनप्रतिनिधि को अपने अपने वार्डों तकलीफों की चिंता नहीं है केवल कोई न कोई बहाना बता कन्नी काटते नजर आते हैं ।

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