छत्तीसगढ़

चिरमिरी आर 6 खदान में नए अत्याधुनिक कंटीन्यूअस माइनर मशीन का केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री ने किया उद्घाटन

60 करोड़ की मशीन से बढ़ेगी सुरक्षा और उत्पादन क्षमता : जीएम चिरमिरी

सरगुझिया टाइम्स चिरमिरी।चिरमिरी क्षेत्र की आर-6 भूमिगत खदान में मंगलवार को कंटीन्यूअस माइनर मशीन का उ‌द्घाटन केंद्रीय कोयला व खनन राज्य मंत्री सतीश चंद दुबे ने ऑनलाइन माध्यम से किया। इस अवसर पर एसईसीएल के एनसीपीएच क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारी, टीएमसी कंपनी के प्रतिनिधि, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन-अर्चन से की गई, जिसे पुरोहितों ने संपन्न कराया। इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। राष्ट्रगान व कोल इंडिया गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंत्री दुबे ने हरी झंडी दिखाकर मशीन को खदान के अंदर प्रवेश कराया। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर कोयला उद्योग के मजदूरों के त्याग और परिश्रम की सराहना करते हुए कहा, आप सभी के अथक प्रयासों से देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। एनसीपीएच की यह नई पहल निश्चित ही कोयला उत्पादन में लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उन्होंने आगे कहा कि कोयला केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का भी जरिया है। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक भारत आत्मनिर्भर बने और विश्व गुरु की भूमिका निभाए।इस मौके पर प्रमुख रूप से डिप्टी जीएम कुमार सौरव, सब एरिया मैनेजर राजाराम शर्मा, मनीष सिंह, अरुण सिंह चौहान, क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक श्रीकांतईमानदारी, डॉ. सुमित कुमार, श्रमिक संगठन के कमलेश सिंह, देवेंद्र नाथ शर्मा, लिंगराज नायक, रामकुमार कनौजिया, मुश्ताक अली, राजेश्वर श्रीवास्तव, जगबंधु खुटिया, अब्दुल सलीम, समीर देवनाथ, सत्य प्रकाश सिंह, बीएल विश्वकर्मा, शहंशाह ख्वाजा अली, अरविंद यादव और राजेश मौर्य सहित अन्य उपस्थित रहे। सभी ने कोयला एवं खनन मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग से क्षेत्र निरंतर प्रगति करता रहेगा।

एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कंटीन्यूअस माइनर मशीन के इस्तेमाल से खदान में अब तक जहां 400 टन कोयला प्रतिदिन निकलता था, वहीं अब 1,500 टन कोयला उत्पादन होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मशीन की कीमत 60 करोड़ रुपए है और इसकी आयु 9 वर्ष है। यह 1.8 मीटर कीपतली कोयला परत को भी काटने में सक्षम है। इसमें चार सहायक मशीनें हैं एन बोल्टर, सेंट्रल कार, फीडर ब्रेकर सहित। मशीन से कोयला कटाई, परिवहन और लोडिंग की प्रक्रिया स्वतः हो सकेगी, जिससे कामगारों की सुरक्षा, उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी। साथ ही, जंगल व भूमि संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी।

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