छत्तीसगढ़

शाला प्रवेश कार्यक्रम में बच्चों संग बैठकर स्वास्थ्य मंत्री ने लिया न्योता भोज का आनंद

जिस स्कूल में पढ़े आज उसी स्कूल में रहे मुख्यअतिथि, बच्चों से खुद को बड़ा करने की दी प्रेरणा

शाला प्रवेश कार्यक्रम में बच्चों संग बैठकर स्वास्थ्य मंत्री ने लिया न्योता भोज का आनंद

जिस स्कूल में पढ़े आज उसी स्कूल में रहे मुख्यअतिथि, बच्चों से खुद को बड़ा करने की दी प्रेरणा

शाला प्रवेश कार्यक्रम में 15 बच्चों का हुआ स्वामी आत्मानंद विद्यालय खड़गवां में शाला प्रवेश, तिलक, मिठाई और किताबों के साथ कराया गया प्रवेश

एमसीबी/खड़गवा/मैं चाहता हु कि खड़गवां क्षेत्र का हर बच्चा पढ़ लिखकर मुझसे आगे बढे, लेकिन मैं यहां उपस्थित लोगों से कहना चाहता हूं कि बच्चे अभी कोमल मिट्टी के है, हम जिस रूप में उनको गढ़ेंगे उस रूप में बनेंगे। हम सभी लोगों का सामूहिक कर्तव्य है कि शिक्षा को किस प्रकार से बच्चों के आने वाले जीवन में एक सर्वांगीण शिक्षा हो, जिसे हम संस्कारिक, नैतिक और जीवन का उपार्जन करने वाला हो, इस तरह की शिक्षा हमे देना है। उक्त बाते स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खड़गवां के स्वामी आत्मानंद विद्यालय में नए सत्र की शुरुआत शाला प्रवेश कार्यक्रम के तहत कही, उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कई चीजें सिलेबस में ना हो फिर भी शिक्षकों को इन सब का ज्ञान बच्चों को देना चाहिए, इसके लिए हो सके तो अलग से एक पीरियड संरक्षित करके नैतिक शिक्षा और भारत की पुरानी विरासत तथा पुरानी संस्कृति, आध्यात्म, विज्ञान का ज्ञान प्रदान करना है ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। श्री जायसवाल ने एकलव्य का जिक्र करते हुए गुरु और शिष्य की पुरानी परंपरा से भी बच्चों को अवगत कराया, इस दौरान भगवान राम के गुरु और भगवान कृष्ण के गुरु का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक कविता है जो फिलहाल मेरे ध्यान में नहीं लेकिन ये सच है कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने वर्तमान हालात में सरकारी संस्थाओं पर से उठे आम लोगों के विश्वास को पुनः विश्वास करने की दिशा में लगातार प्रयास करने की बात कही। सरकारी संस्थाओं के संदर्भ में बोलते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि 100 लोगों के बीच यदि सर्वे कराया जाए कि आप सरकारी या प्राइवेट में पढ़ाने की बात हो या इलाज फ्री में कराने की बात हो, तो आप पाएंगे कि लगभग लोग प्राइवेट में जाना चाहेगे और मैं इसी सरकारी और गैर सरकारी के बीच बनी खाई को दूर करने का प्रयास स्वास्थ्य मंत्री बनने के साथ से करता आ रहा हूं।
ज्ञात हो कि प्रदेश में चल रहे शाला प्रवेश की कड़ी में आज खड़गवां के स्वामी आत्मानंद विद्यालय में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ 15 बच्चों को तिलक, मिठाई और किताब देकर शाला प्रवेश कराया गया। इस अवसर पर विद्यालय के मेरिट बच्चों को मैडल देकर मुख्य अतिथि के हाथों सम्मानित भी कराया गया । कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा में दीप प्रज्वलित और बच्चों के स्वागत गीत प्रस्तुति के साथ हुआ। इस दौरान मंचासीन अतिथियों ने अपने अपने उद्बोधन के माध्यम से उपस्थित विद्यालय के बच्चों को अपना आशीर्वचन प्रदान किया। आपको बताते चले कि खेलकूद के मेरिट लिस्ट की राष्ट्रीय सूची में कुमारी मानमति, ज्योति, राकेश और अनिल शामिल रहे वही 10 वी में हिंदी माध्यम से सूरज और बंशीलाल 93.5% प्रतिशत तथा 12 वीं से आशीष सोनवानी 88% और 10 वी अंग्रेजी माध्यम से सुनीता खलखो 90%व 12 वीं में प्रिया साहू 85% को मैडल पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजनकर्ताओं की ओर से मुख्य अतिथि सहित मंच पर आसीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया साथ कैंपस के भीतर वृक्षारोपण और न्योता भोज का आयोजन संपन्न कराया गया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री बच्चों के साथ बैठकर न्योता भोज का आनंद उठाए और बच्चों के साथ अपने अनुभवों को साझा किये। इस खास शाला प्रवेश कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनपद पंचायत खड़गवा अध्यक्ष श्रीमति श्याम बाई मरकाम, शिक्षा समिति के अध्यक्ष धनंजय पांडे, जनपद पंचायत खड़गवां उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह करीयाम, खड़गवां पंचायत सरपंच सुखित लाल अगरिया, मंडल अध्यक्ष भाजपा धरमपॉल सिंह, मंडल महामंत्री रमेश जायसवाल, एसडीएम खड़गवां, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, सहित स्वामी आत्मानंद विद्यालय व हिंदी मीडियम कक्षाओं के स्टॉप सहित भारी संख्या में स्कूली छात्र छात्राएं, नन्हे मुन्ने बच्चे और पालक उपस्थित रहे।

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