आमाडांड में ‘चलित थाना’ लगाकर ग्रामीणों को सिखाए सुरक्षा के गुर

आमाडांड में ‘चलित थाना’ लगाकर ग्रामीणों को सिखाए सुरक्षा के गुर

खड़गवां / मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर :
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस-पब्लिक के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत आमाडांड (सरपंच पारा) में ‘चलित थाना’ का आयोजन किया गया। खड़गवां थाना प्रभारी सुनील तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस टीम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें आधुनिक अपराधों के प्रति जागरूक किया।
साइबर ठगों से रहें सावधान: “सतर्कता ही बचाव है”
कार्यक्रम में पुलिस स्टाफ ने वर्तमान में बढ़ते साइबर फ्रॉड पर गहरी चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों को विस्तार से समझाते हुए पुलिस ने सुरक्षा के तीन मुख्य मंत्र दिए:
किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना OTP (ओटीपी) कभी साझा न करें।
भारी इनाम का लालच देने वाले फोन कॉल्स और संदिग्ध लिंक से दूर रहें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
यातायात नियम और ‘राहगीर योजना’ की जानकारी
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने ग्रामीणों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि हेलमेट पहनना केवल चालान से बचना नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए अनिवार्य है। इसके साथ ही ‘राहगीर योजना’ की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय घायलों की मदद करने वाले नेक नागरिकों को पुलिस द्वारा प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा।
डिजिटल पुलिसिंग: अब नागरिक बनेंगे पुलिस के ‘आंख-कान’
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को ‘सिटीजन सेंटिनल’ ऐप का डेमो दिया। इस ऐप के माध्यम से ग्रामीण अब सजग नागरिक बनकर किसी भी अपराध या संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस तक पहुँचा सकेंगे। इससे डिजिटल पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी और अपराधियों पर नकेल कसना आसान होगा।
थाना प्रभारी का संदेश:
“हमारा उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। चलित थाने के माध्यम से हम सीधे आप तक पहुँच रहे हैं ताकि आप सुरक्षित महसूस करें और अपराध मुक्त समाज बनाने में सहयोग दें।”
— सुनील तिवारी, थाना प्रभारी खड़गवां
इस अवसर पर थाना प्रभारी खड़गवां सुनील तिवारी, अधीनस्थ पुलिसकर्मी, ग्राम सरपंच, पंच एवं भारी संख्या में आमाडांड के जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।




