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जुआरियों का हाईटेक गढ़: खड़गवां के जंगलों में SECL कर्मियों और व्यापारियों पर लग रहा है दांव, मोबाइल बंद करवाकर चल रहा लाखों का खेल

जुआरियों का हाईटेक गढ़: खड़गवां के जंगलों में SECL कर्मियों और व्यापारियों पर लग रहा है दांव, मोबाइल बंद करवाकर चल रहा लाखों का खेल

सरगुझिया टाईम्स खड़गवां/चिरमिरी: कोरिया जिले के खड़गवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बंजारीडांड, ठग्गगांव, आमाडांड, कदरेवा, भुगभुखी, पटमा और बहालपुर इन दिनों जुए के बड़े अड्डों में तब्दील हो चुके हैं। चिरमिरी के तीन रसूखदार संचालकों—फिरोज, विनोद और सुनील—ने मिलकर यहाँ जुए का ऐसा जाल बिछाया है जहाँ रोजाना लाखों की हार-जीत हो रही है।
SECL कर्मचारियों और व्यापारियों को लाने-ले जाने की खास सुविधा
इस अवैध धंधे को पेशेवर तरीके से चलाने के लिए आयोजकों ने विशेष व्यवस्था कर रखी है। चिरमिरी के बड़े व्यापारियों और SECL (कॉलरी) के कर्मचारियों को सुरक्षित तरीके से फड़ तक पहुँचाने और वापस छोड़ने के लिए गाड़ियों की सुविधा दी जा रही है। बताया जा रहा है कि चिरमिरी से रवि और प्रधान नामक दो व्यक्ति इस नेटवर्क के मुख्य स्तंभ हैं। इनके गहरे संपर्कों के कारण ही बड़ी संख्या में संपन्न लोग इस जुए की दलदल में फंस रहे हैं और लाखों की रकम दांव पर लगा रहे हैं।
लोकेशन ट्रेस न हो, इसलिए ‘डिजिटल पहरा’
पुलिस की साइबर सेल से बचने के लिए संचालकों ने सख्त नियम लागू किया है। फड़ पर पहुँचते ही सभी खिलाड़ियों के मोबाइल फोन बंद करवाकर जमा कर लिए जाते हैं, ताकि कोई भी फोन कॉल या इंटरनेट के जरिए लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसी चालाकी की वजह से पुलिस को इन ठिकानों की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती।
मौके पर ही ‘इंस्टेंट फाइनेंस’ की सुविधा
जुए में पैसे हारने वालों के लिए कर्ज का जाल भी वहीं तैयार रहता है। बड़ा बाजार का होटल व्यवसायी दिनेश प्रतिदिन 10 प्रतिशत के भारी ब्याज पर खिलाड़ियों को तत्काल पैसा (फाइनेंस) उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा, मिठाई (चरचा) और सद्दाम (बैकुंठपुर) रोज नए खिलाड़ियों को फड़ तक लाने का जिम्मा संभाले हुए हैं।
बॉर्डर का ले रहे फायदा
चिरमिरी में थाना प्रभारी विजय सिंह की सख्ती के डर से इन संचालकों ने खड़गवां के ग्रामीण इलाकों को चुना है। जब भी यहाँ दबाव बढ़ता है, ये तुरंत नागपुर और चरचा थाना के बॉर्डर पर अपनी लोकेशन बदल लेते हैं।

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