चिरमिरी तहसीलदार ने पकड़ा अवैध चावल से भरे तीन पिकअप वाहन

चिरमिरी तहसीलदार ने पकड़ा अवैध चावल से भरे तीन पिकअप वाहन
चिरमिरी । नगर पालिक निगम चिरमिरी में इन दिनों शासन द्वारा संचालित राशन दुकानों से प्रदाय सरकारी पीडीएस चावल का भंडारण करने का गोरख धंधा अपने चरम पर है इन दिनों लगातार शासन द्वारा अवैध भंडारण करने वालों पर कारवाही की जा रही है प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखबिर की सूचना पर खाद्य विभाग के द्वारा चिरमिरी तहसीलदार के नेतृत्व में डोमनहिल बाजार में अचानक छापे मारी की गई जहां तीन पिकअप वाहनों में लगभग 150 बोरी चावलों का अवैध भंडारण प्राप्त किया गया जिसमें अधिकतर बोरी सरकारी पीडीएस चावल का प्राप्त किया गया जिसे जांच के लिए तहसीलदार के द्वारा चिरमिरी थाने में गाड़ियों को भिजवाया गया लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार गाड़ी तीन पकड़ाई गई पर दो ही गाड़ी चिरमिरी थाने पहुंचे क्या कारण है कि एक गाड़ी अभी भी डोमनहिल बाजार में खड़ा है ।
इससे पहले भी इन गाड़ियों के मालिक के इन्हीं गाड़ियों में अवैध सरकारी पीडीएस चावल एवं एसईसीएल चना का अवैध भंडारण पकड़े गए हैं इन गाड़ियों को कलेक्टर कार्यालय से सजा के रूप में फाइन लेकर छोड़ा भी गया है हम आपको बता दें कि गाड़ियों के अलावा एक मकान में अवैध सरकारी पीडीएस चावल के भंडारण रखने की शिकायत बीजेपी नेता चंदन शर्मा के द्वारा छापे के दौरान तहसीलदार साहब को दी गई लेकिन शिकायत को गंभीरता से ना लेते हुए तहसीलदार साहब शिकायत स्वीकार कर अपने कार में बैठ कर उक्त स्थान से निकलते वीडियो में साफ देखा जा सकता है । इस समाचार के माध्यम से एक बात गंभीरता से लिया जा सकता है कि एक ही परिवार के लोग जिनका गाड़ी एवं नाम लगातार शासन के पीडीएस चावल के अवैध भंडारण में आने के बावजूद उनके ऊपर किसी भी प्रकार की कारवाही ना होना किसी बड़े राजनीतिक हाथ होने की संभावना व्यक्त करता है जबकि हमारे पास इससे पहले इन्हीं गाड़ियों एवं व्यक्तियों के द्वारा अवैध भंडारण का मामला शासन के समक्ष आ चुका है जिसमें इन लोगों के ऊपर मामला पंजीबद्ध के साथ फाइन लगा कर सजा दी गई थी लेकिन आज वही तहसीलदार जिन्होंने पिछली छापा मार कारवाही में पत्रकारों को अवैध राशन के चावल एवं चना के भंडारण के बारे में जानकारी दी गई थी लेकिन आज अपने आप को एसडीएम के आदेश पर कारवाही की बात कही गई एवं विस्तृत जानकारी के लिए एसडीएम साहब से बात करने को कही गई ।
देखना आगे यह है कि अवैध राशन दुकानों से संग्रहित कर महंगी दामों में बेचे जाने वाले शासकीय पीडीएस चावल के अवैध व्यापारियों पर किस प्रकार की कारवाही की जाती है आज सभी जगह कंप्यूटर से छापी गई बिल को मान्य किया जाता है लेकिन आज छापे मारी के दौरान तहसीलदार साहब को व्यापारी द्वारा बड़ाबाजार के बड़े व्यापारी के हाथ से लिखे बिल को पेश किया गया जो कि उस बिल का फर्जी होना साफ साफ बताता है देखना यह है कि अब कब तक लोगों को चोरी की सजा प्राप्त होगी ।




