छत्तीसगढ़

चिरमिरी वन परिक्षेत्र बना अवैध कार्यों का प्रमुख केंद्र

चिरमिरी वन परिक्षेत्र बना अवैध कार्यों का प्रमुख केंद्र

एमसीबी / चिरमिरी। नगर पालिक निगम चिरमिरी चारों तरफ से प्रकृति की अनमोल सौंदर्य से घिरा हुआ है यहां जहां से भी प्रवेश करें चारों तरफ जंगल की हरियाली बड़े बड़े पहाड़ ही नजर आएंगे यहां वन वन जीव के साथ प्रचुर मात्रा में खनिज कोयला प्राप्त होता है जहां सरकार द्वारा बनाए गए पुराने खदान बंद हो रहे हैं वहीं चिरमिरी में अवैध कार्यों को करने वालों की आंख जंगल एवं वहां मौजूद वन संपदा का दोहन अवैध रूप से करने के लिए एक खुले बाजार की तरह हो गई है ।
इन दिनों आप चिरमिरी में कहीं भी घूमने निकल जाएं आपको चारों तरफ कोयले के पहाड़ नजर आएंगे या तो अवैध ईंट भट्टी जो खुले आम खुली नजर से दिख जाएंगे और इन अवैध ईंट भट्टों से शासन को लाखों का चुना लगाया जा रहा है।
हम आपको बता दें कि चिरमिरी नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 1 के मोहारी डांड एवं वार्ड क्रमांक 34 के कोड़ाकू दफ़ाई जहां पर इन दिनों चिरमिरी वन परिक्षेत्र के जंगलों की अवैध कटाई कर बड़े पैमाने पर लाखों अवैध ईंटों का भट्टा संचालित किया जा रहा है जिसमें एक तरफ सरई के पेड़ प्रचुर मात्रा में काट कर वहीं दूसरी जगह जहां वन विभाग के द्वारा सागौन के पेड़ों को लगाया गया था वहां उस जगह में आज केवल कुछ पेड़ देखने को मिल जाएंगे बाकी सभी पेड़ो को काट कर वहां ईंट भट्टी लगा दी गई है ।
अभी कुछ दिनों पहले राजस्व एवं खनिज विभाग के द्वारा सागौन वाले क्षेत्र में छापा मारा गया जहां वन विभाग की टीम ना होने के कारण केवल ईंटों पर कारवाही की गई जबकि दोनों विभागों के अधिकारियों ने वहां मौजूद सागौन के कटे डगाल को देखा ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़ी राजनीतिक पहुंच रखने के कारण इन ईंट भट्टी संचालकों के हौसले बहुत बुलंद है सूत्रों का कहना है कि बड़े राजनीतिक पद में रिश्तेदार का होना इनके अवैध कार्य को बल प्रदान कर रहा है बिना किसी रोक टोक के अवैध ईंट भट्टों का संचालन कर रहे हैं।
देखना यह है कि अभी छापामार कारवाही के बाद खनिज एवं राजस्व की टीम किस तरह से इन लोगों के ऊपर कारवाही करती है ।

दूसरी तरफ वन परिक्षेत्र में जगह जगह कोयले का अवैध खनन एवं भंडारण आम सी बात हो गई है बंद हुए कॉलरी इस कार्य के लिए गढ़ माने जाते हैं खास कर पोड़ी कुरासिया डोमनहिल कोरिया बरतूंगा गेल्हापानी प्रमुख केंद्र है यहां भी सत्ता के अनुसार इन कार्यों को संचालित करने वाले मुखिया का बदलाव होता है बाकी सरगना एक दो ही व्यक्ति हैं जो कोयला का भंडारण कर ईंट भट्टों में या चिरमिरी से बाहर बिक्री के लिए भिजवाते हैं ।

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