डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल एसईसीएल चिरिमिरी में ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
विद्यार्थियों ने संगीत चिकित्सा, नाट्य मंचन और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से दिया 'स्वस्थ मन' का संदेश; प्राचार्य एस.के. पांडे ने बताया मानसिक स्वास्थ्य का महत्व

डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल एसईसीएल चिरिमिरी में ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
विद्यार्थियों ने संगीत चिकित्सा, नाट्य मंचन और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से दिया ‘स्वस्थ मन’ का संदेश; प्राचार्य एस.के. पांडे ने बताया मानसिक स्वास्थ्य का महत्व
चिरिमिरी (सरगुझिया टाइम्स): डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल एसईसीएल चिरिमिरी में ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के उपलक्ष्य में दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन आदरणीय प्राचार्य श्री एस.के. पांडे जी के कुशल मार्गदर्शन एवं विद्यालय के परामर्शदाता (काउंसलर) शिक्षक अनुवेश नामदेव के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यशाला का उद्देश्य और तनाव प्रबंधन
इस दो दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा अपने मानसिक कल्याण पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करना था। आज के तीव्र तकनीकी और प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं में बढ़ते तनाव को देखते हुए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सत्र के दौरान परामर्शदाता अनुवेश नामदेव ने तनाव प्रबंधन (स्ट्रेस मैनेजमेंट) के प्रमुख बिंदुओं को पीपीटी (PPT) प्रेजेंटेशन के माध्यम से बेहद रोचक एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया।
गतिविधियों के जरिए व्यक्त किए विचार
कार्यशाला में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- नाट्य मंचन (Skit): तनाव और उसके समाधान पर आधारित जीवंत अभिनय।
- संगीत चिकित्सा (Musical Therapy): मन को शांत और केंद्रित करने के लिए संगीत का सकारात्मक उपयोग।
- मानसिक स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी (Quiz): मानसिक जागरूकता बढ़ाने हेतु प्रतियोगिता।
- वॉइस मेथड वॉल एक्टिविटी (Voice Method Wall Activity): विद्यार्थियों ने अपने विचार और भावनाएं लिखकर साझा कीं।
“स्वस्थ मन में ही स्वस्थ विचारों का निर्माण” — प्राचार्य
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य श्री एस.के. पांडे जी ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा:
“आज के समय में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है। जब मन प्रसन्न और चिंतामुक्त रहेगा, तभी उसमें सकारात्मक और स्वस्थ विचारों का निर्माण हो सकता है।”
सकारात्मक सोच के संकल्प के साथ समापन
इस आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। दो दिनों तक चली इस ज्ञानवर्धक और प्रेरक कार्यशाला का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।




