बिना हस्ताक्षर और बिना लोगो वाला पत्र जारी: रावण दहन से पहले दुकानदारों में दहशत फैलाकर रोजी-रोटी छीनने का षड्यंत्र?

चिरमिरी। चिरमिरी ओसीएम स्थित महात्मा गांधी खेल मैदान के समीप प्लैटिनम गेस्ट हाउस एवं आसपास के क्षेत्र में दुकानों का संचालन करने वाले छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में क्षेत्र में चिपकाए गए एक बेनाम और संदिग्ध नोटिस के बाद से दुकानदारों में भारी भय और आक्रोश का माहौल है।

बिना अधिकारी के हस्ताक्षर और बिना आधिकारिक लेटरहेड का पत्र
दुकानों व दीवारों पर चिपकाए गए इस सूचना पत्र में दिनांक 09/10/2026 अंकित है। पत्र में दुकानदारों को 24 घंटे के भीतर अपना कब्जा हटाने का फरमान सुनाया गया है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पत्र पर न तो कॉल इंडिया / एसईसीएल (SECL) का आधिकारिक लोगो (Logo) है और न ही किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। पत्र के अंत में केवल “आदेशानुसार – उप क्षेत्रीय प्रबंधक, चिरमिरी ओसीएम” लिखा हुआ है।
षड्यंत्र या प्रबंधन की बड़ी चूक?
आगामी रावण दहन पर्व से ठीक पहले इस तरह का बेनाम आदेश जारी होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा पत्र किसी सोची-समझी साजिश के तहत कूटरचित (फर्जी) तरीके से तैयार किया गया प्रतीत होता है। ऐसा लगता है कि कुछ असमाजिक तत्व या स्वार्थी लोग रावण दहन से पहले गरीब दुकानदारों को डरा-धमकाकर वहां से हटाना चाहते हैं ताकि वे अपनी निजी रोटियां सेक सकें।
दूसरी ओर, यदि यह पत्र वास्तव में एसईसीएल (SECL) प्रबंधन द्वारा ही जारी किया गया है और अधिकारी हस्ताक्षर करना भूल गए हैं, तो यह प्रबंधन की कार्यशैली पर एक बहुत बड़ा लापरवाही का सवाल खड़ा करता है।
गरीबों की रोजी-रोटी पर प्रहार
त्योहारों के इस सीजन में वर्षों से छोटी-मोटी दुकानें चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करने वाले गरीब व्यापारियों को बिना किसी वैध और प्रामाणिक प्रक्रिया के बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन के नाम का इस्तेमाल कर गरीबों की रोजी-रोटी छीनने के इस खेल से स्थानीय लोगों और दुकानदारों में भारी रोष है।
व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि इस संदिग्ध व कूटरचित पत्र की निष्पक्ष जांच कराई जाए और बेकसूर दुकानदारों को परेशान करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।





