
चिरमिरी में विश्व मानवाधिकार दिवस पर ‘जागरूकता शिविर’: कानून, महिला सुरक्षा एवं नागरिक दायित्वों पर गहन विमर्श
- संदीप सोनवानी सरगुझिया

चिरमिरी, एमसीबी जिला, छत्तीसगढ़। विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में, एमसीबी जिले के चिरमिरी स्थित संगत भवन में 10 दिसंबर को एक भव्य और उच्च-स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के समक्ष मानव अधिकार कानून की महत्ता, प्रभावी कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा के आयामों तथा नागरिक के संवैधानिक दायित्वों को विस्तार से रखना था।

विधि विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय विधि महासचिव राकेश माहौत ने की। उन्होंने अपने सारगर्भित संबोधन में मानव अधिकारों के उल्लंघन और उनके संरक्षण हेतु कानूनी प्रावधानों पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख वक्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं:
| वक्ता का नाम | पद/पहचान | दिए गए विषय पर मुख्य जानकारी |
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| श्री राकेश माहौत | राष्ट्रीय विधि महासचिव | मानव अधिकार पर कानूनी पहलुओं और जागरूकता की आवश्यकता। |
| श्री विजय सिंह | थाना प्रभारी, चिरमिरी | कानून व्यवस्था की स्थिति और नागरिकों के लिए आवश्यक कानूनी ज्ञान। |
| डॉ. राजेंद्र राय | सिविल सर्जन | स्वास्थ्य का अधिकार और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच। |
| डॉ. डी. के. उपाध्याय | प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद स्कूल | शिक्षा का महत्व एवं शिक्षा के अधिकार का विस्तृत विवरण। |
वक्ताओं ने सामूहिक रूप से महिला सुरक्षा को सशक्त समाज की आधारशिला बताते हुए इससे जुड़े कानूनी अधिकारों की जानकारी दी और प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

सफल आयोजन एवं भागीदारी
कार्यक्रम का मंच संचालन अधिवक्ता पुष्पा गुलकरी ने अत्यंत कुशलता से किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा बनी रही।
इस आयोजन की एक विशिष्ट उपलब्धि यह रही कि इसमें महिलाओं की भागीदारी अत्यंत उत्साहजनक रही। उनकी सक्रिय उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों और समाज में अपनी भूमिका को लेकर अत्यंत गंभीर और जागरूक हैं। संगत भवन में आयोजित यह कार्यक्रम मानव अधिकार और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक सफल और प्रेरणादायक कदम सिद्ध हुआ।



