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चिरमिरी निगम की बड़ी लापरवाही! लाखों की बर्बादी, जनसुविधा पर ताला: गोदरीपारा की असली जरूरत की जगह SDM कार्यालय के पीछे शौचालय

महापौर और आयुक्त ने किया उद्घाटन, फिर भी सुविधा केंद्र बंद

चिरमिरी निगम की बड़ी लापरवाही!
लाखों की बर्बादी, जनसुविधा पर ताला: गोदरीपारा की असली जरूरत की जगह SDM कार्यालय के पीछे शौचालय
महापौर और आयुक्त ने किया उद्घाटन, फिर भी सुविधा केंद्र बंद

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चिरमिरी, छत्तीसगढ़। नगर पालिक निगम चिरमिरी में सरकारी धन के दुरुपयोग और अदूरदर्शी प्रशासनिक फैसलों का एक गंभीर मामला सामने आया है। लाखों रुपये की लागत से एक सुलभ सार्वजनिक शौचालय का निर्माण एक ऐसे स्थान पर किया गया, जहाँ उसकी जरूरत कम थी, जबकि अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

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गोदरीपारा: जहाँ थी वास्तविक और तात्कालिक जरूरत
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, सार्वजनिक शौचालय की सबसे अधिक जरूरत गोदरीपारा क्षेत्र में स्थित बैंकों और पोस्ट ऑफिस के पास थी। यह क्षेत्र चिरमिरी का प्रमुख व्यावसायिक और बैंकिंग केंद्र है।
ताजा घटनाक्रम: मामले की गंभीरता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि कुछ ही दिन पहले बरतुंगा स्टेट बैंक का विलय पास के कुरासिया स्टेट बैंक में किया गया है। इस विलय के कारण अब कुरासिया बैंक शाखा में बैंक ग्राहकों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है।
खासकर, दूर-दराज से आने वाली महिलाएं इस अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय के अभाव में भारी परेशानी झेल रही हैं। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण बदलाव और बढ़ी हुई नागरिक आवश्यकता को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए शौचालय को इसके विपरीत एसडीएम कार्यालय परिसर के पीछे बना दिया, जहाँ आवश्यकता अपेक्षाकृत कम थी।

महापौर और आयुक्त की उपस्थिति में हुआ उद्घाटन, फिर भी ताला बंद
करोड़ों के बजट से बने इस शौचालय का उद्घाटन स्वयं महापौर चिरमिरी और आयुक्त नगर निगम की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया था। प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व द्वारा शुरू किए जाने के बावजूद, जनता को सुविधा मिलने से पहले ही, उद्घाटन के कुछ ही समय बाद से इस पर ताला लटका हुआ है।

गलत प्राथमिकता: निगम ने सबसे अधिक भीड़ वाले स्थान (बैंक/पोस्ट ऑफिस) को छोड़कर शौचालय का निर्माण अनावश्यक स्थान पर किया।

अदूरदर्शिता: बैंक विलय से बढ़ी हुई ग्राहकों की संख्या की समस्या का समाधान करने के बजाय, मौजूदा समस्या को और बढ़ा दिया गया।

निष्क्रिय सुविधा: जिस सुविधा का उद्घाटन निगम के शीर्ष अधिकारियों ने किया, वह आज जनता के लिए बंद पड़ी है, जिससे लाखों रुपये का सरकारी धन पूरी तरह से बेकार हो गया है।

निगम प्रशासन से जवाबदेही की मांग
एसडीएम कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर भी सुविधा का बंद रहना और दूसरी तरफ, गोदरीपारा में लोगों, विशेषकर महिलाओं का परेशान होना, निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनता ने मांग की है कि महापौर और आयुक्त, जिनकी उपस्थिति में इसका उद्घाटन हुआ था, वे स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें और इस बंद पड़े शौचालय को तत्काल चालू करवाएं। साथ ही, गोदरीपारा क्षेत्र में बैंक ग्राहकों की बढ़ती भीड़ और महिलाओं की परेशानी को देखते हुए, वहाँ भी जल्द से जल्द एक नए सार्वजनिक सुविधा केंद्र के निर्माण की योजना बनाई जाए।

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