नगर पालिक निगम चिरमिरी में ‘कमीशन’ की कुर्सियों पर ‘भ्रष्टाचार’ का आसन

नगर पालिक निगम चिरमिरी में ‘कमीशन’ की कुर्सियों पर ‘भ्रष्टाचार’ का आसन, जनता बेहाल!


चिरमिरी: इन दिनों नगर पालिक निगम चिरमिरी में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का नंगा नाच चल रहा है. आलम यह है कि जो सीमेंट की कुर्सियां बाजार में 1500 से 2500 रुपये के बीच मिल जाती हैं, उन्हें निगम में 10 से 20 हजार रुपये में खरीदा जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि यह सब ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने और भारी कमीशन कमाने के लिए किया जा रहा है.
पार्षदों को ‘कमीशन’ का लालच:
सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार पार्षदों को 10 से 20 हजार रुपये कमीशन देने का लालच देकर उनके लेटर पैड पर कुर्सियां लगाने की मंजूरी ले रहे हैं. पार्षद भी कमीशन के लालच और अपने वार्ड में काम दिखाने के लिए अपनी निधि लिख कर दे रहे हैं.
निगम में ठेकेदारों का ‘कब्जा’:
इस भ्रष्टाचार के खेल में दो ठेकेदार मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि ये दोनों ठेकेदार निगम में ही डेरा डाले रहते हैं. निगम के अधिकारियों या पार्षदों से ज्यादा इनकी हाजिरी नजर आती है. ऐसा लगता है कि इन्होंने निगम को अपना घर ही बना लिया है.
अधिकारियों की ‘चुप्पी’ पर सवाल:
आश्चर्य की बात यह है कि निगम के इंजीनियर और अधिकारी इस खुलेआम भ्रष्टाचार को अनदेखा कर रहे हैं. क्या उनकी आंखों में धूल जमी है या वे भी इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल हैं? यह एक बड़ा सवाल है.
पार्षदों की ‘मजबूरी’ या ‘लालच’:
पार्षद भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं. कुछ पार्षद तो कमीशन के लालच में इस खेल का हिस्सा बन रहे हैं. वहीं, कुछ पार्षदों की मजबूरी हो सकती है कि वे ठेकेदारों और अधिकारियों के दबाव में आकर लेटर पैड दे रहे हैं.
जनता पर ‘अतिरिक्त बोझ’:
निगम में भ्रष्टाचार का सीधा असर जनता पर पड़ रहा है. कुर्सियों की खरीद में हो रहे भ्रष्टाचार के कारण निगम का खजाना खाली हो रहा है. इस कारण, निगम जनता को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में असमर्थ हो रहा है. सूत्रों का कहना है कि इस भ्रष्टाचार के पीछे सत्ताधारी दल के कुछ नेता और निगम के प्रथम नागरिक का आशीर्वाद प्राप्त है. क्या वे भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं? यह एक गंभीर सवाल है.
कब थमेगा ‘भ्रष्टाचार’ का खेल?
चिरमिरी निगम में भ्रष्टाचार का यह खेल कब थमेगा, यह एक बड़ा सवाल है. जनता कब तक इस भ्रष्टाचार का बोझ सहती रहेगी? यह भी एक गंभीर सवाल है.
प्रशासन की ‘निष्क्रियता’ पर सवाल:
प्रशासन की निष्क्रियता भी इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है. क्या प्रशासन इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगा? यह भी एक बड़ा सवाल है. नगर पालिक निगम चिरमिरी में भ्रष्टाचार का यह खेल जनता के पैसे की बर्बादी है. प्रशासन को इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और भ्रष्टाचारियों को सजा मिलनी चाहिए. तभी जनता को न्याय मिल सकेगा और चिरमिरी निगम में भ्रष्टाचार का खेल थम सकेगा.




