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अंजन हिल खदान लोक सुनवाई: भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ग्रामीणों का तीखा विरोध, कंपनी ने गिनाईं विकास की पहलें

अंजन हिल खदान लोक सुनवाई: भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ग्रामीणों का तीखा विरोध, कंपनी ने गिनाईं विकास की पहलें

चिरमिरी, छत्तीसगढ़ | 05 फरवरी, 2026

​साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा प्रस्तावित ‘अंजन हिल ओपन कास्ट कोयला खदान’ परियोजना के लिए आज ग्राम भुकभुकी में लोक सुनवाई आयोजित की गई। यह कार्यक्रम भारी सुरक्षा व्यवस्था, कड़े विरोध और कंपनी द्वारा दिए गए आश्वासनों के बीच संपन्न हुआ।

कड़े सुरक्षा घेरे में प्रवेश

​सुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत कार्यक्रम स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच  की जा रही थी, उसके बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई।

“पेड़ नहीं कटने देंगे”: ग्रामीणों का ‘चिपको आंदोलन’ का संकल्प

​अंजन पहाड़ से सटे गांवों के निवासियों ने इस खुली खदान परियोजना का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों ने ‘चिपको आंदोलन’ का उदाहरण देते हुए संकल्प लिया कि वे मरते दम तक अपने पेड़ों और जंगलों को कटने नहीं देंगे। ग्रामीणों ने खुली खदान के बजाय भूमिगत खदान  संचालन का समर्थन किया, जिससे जंगल भी सुरक्षित रहें और रोजगार के अवसर भी पैदा हों। इसके विपरीत, चिरमिरी से आए जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास का हवाला देते हुए खदान का समर्थन किया।

90% रोजगार और राजनीतिक निगरानी की मांग

​सुनवाई में वक्ताओं ने शर्त रखी कि परियोजना में 90 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को मिलना चाहिए। बीजेपी चिरमिरी मंडल के महामंत्री रीत जैन ने मांग की कि नौकरी प्रदान करने से पहले क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों की एक समिति बनाई जाए, जिसकी देखरेख में पारदर्शी नियुक्तियां हों।

कंपनी का पक्ष: विकास और कल्याण की प्रतिबद्धता

​दूसरी ओर, कंपनी प्रबंधन ने स्थानीय समुदाय के विकास और कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही:

  • सामुदायिक कार्य: हाल ही में कंपनी द्वारा हुडी जैकेट, स्कूल बैग और डेस्क-बेंच वितरण जैसी पहलें की गई हैं।
  • प्रमुख प्राथमिकताएं: स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन, सुरक्षा उपाय और जल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
  • विस्थापन और पर्यावरण: कंपनी के अनुसार, इस परियोजना से किसी प्रकार का विस्थापन, पुनर्वास या अतिक्रमण का मुद्दा नहीं जुड़ा है। साथ ही, वनों, जल स्रोतों या वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव की संभावना से भी इनकार किया गया है।
  • नकारात्मक प्रभाव की आशंका नहीं: परियोजना क्षेत्र में कोई ग्राम पंचायत शामिल नहीं है, जिससे आसपास के गांवों पर नकारात्मक असर की आशंका नहीं बताई गई है।  कंपनियों के नाम पर बना है भ्रम आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, अंजन हिल माइंस का अनुबंध M/s Blackgem Power, M/s Indian Hydro Electric Power और M/s Anoop Road Carriers को दिया गया है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर ‘अंजन माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम का प्रचार किया जा रहा है, जिसका आधिकारिक रिकॉर्ड में स्पष्ट उल्लेख नहीं है।जनसुनवाई पूर्ण होने के बाद अब कंपनी वैधानिक और नियामक स्वीकृतियों के अनुरूप परियोजना के अगले चरणों की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। प्रबंधन ने कहा कि वे स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेंगे।

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